पति से पत्नी का ख़त — शादी के 10 साल बाद
प्रिय अमित, आज हमारी शादी को 10 साल हो गए। तुम शायद भूल गए — क्योंकि तुम हर साल भूलते हो। पर इस बार मैं नाराज़ नहीं हूँ। 10 साल। कितना कुछ बदल गया। वो दुबला पतला लड़का जो शादी में शेरवानी में nervous दिख रहा था — आज पेट निकल आया है उसका। पर वो अभी भी उतना ही handsome है — कम से कम मेरी नज़र में। तुम्हें याद है पहला साल? हम दोनों को खाना बनाना नहीं आता था। मैगी खाते-खाते तंग आ गए थे। फिर तुमने YouTube से बिरयानी बनाना सीखा — पहली बार जल गई। दूसरी बार कच्ची रह गई। तीसरी बार — परफ़ेक्ट। मैंने कहा था, "तुम शेफ़ बन सकते हो।" तुम्हारी आँखें चमक गई थीं। फिर बच्चे आए। नींद गई। रोमांस गया। तुम ऑफ़िस, मैं बच्चे। कभी-कभी लगता था — हम पति-पत्नी कम, roommates ज़्यादा हो गए हैं। पर फिर... वो छोटी-छोटी चीज़ें। रात को बच्चे को दूध पिलाने तुम उठ जाते हो — बिना कहे। मेरे सिर दर्द में बिना पूछे चाय ला देते हो। बच्चों को सुलाकर चुपचाप मेरे पास आकर बैठ जाते हो — कुछ नहीं कहते, बस बैठते हो। अमित, शादी फ़िल्मों जैसी नहीं होती। ना रोज़ गुलाब मिलता है, ना हर शाम candle light dinner होता है। शादी — वो मैगी है जो दोनों ने मिलकर खाई, वो जली हुई बिरयानी है, वो रातों की नींद है जो दोनों ने मिलकर खोई। और मैं ये सब किसी और के साथ नहीं करना चाहती। तुम perfect नहीं हो। पर मेरे लिए perfect हो। हैप्पी एनिवर्सरी, मेरी जान। तुम्हारी वो लड़की — जो 10 साल पहले भी तुम्हें चुना था, और आज भी चुनती। P.S. — केक फ़्रिज में है। गिफ़्ट बैडरूम में। और हाँ — बच्चे आज नानी के घर हैं। 😊