चिट्ठी में छुपा प्यार — भाग 8
शादी के 25 साल बाद भी वो रोज़ सुबह मेरे लिए चाय बनाती है। मैं कहता हूँ, 'रहने दो, मैं बना लूँगा।' वो कहती है, 'तुम बनाओगे तो चाय नहीं, प्रयोग होगा।' यही तो प्यार है — 25 साल बाद भी वही छेड़छाड़, वही हँसी, वही गर्माहट। प्यार grand gestures में नहीं, इन छोटी-छोटी बातों में छुपा होता है। --- शादी के 25 साल बाद भी वो रोज़ सुबह मेरे लिए चाय बनाती है। मैं कहता हूँ, 'रहने दो, मैं बना लूँगा।' वो कहती है, 'तुम बनाओगे तो चाय नहीं, प्रयोग होगा।' यही तो प्यार है — 25 साल बाद भी वही छेड़छाड़, वही हँसी, वही गर्माहट। प्यार grand gestures में नहीं, इन छोटी-छोटी बातों में छुपा होता है।