प्यार की परिभाषा — दस शेर
एक — प्यार वो है जो alarm से पहले जगाए, सिर्फ़ इसलिए कि "good morning" भेजना है। दो — प्यार वो है जब तुम बुख़ार में हो, और वो Maggi लेकर आए — बिना बताए। तीन — प्यार वो है जब लड़ाई हो, और दोनों ग़ुस्से में हों — पर रात को "soya?" message आ ही जाए। चार — प्यार वो है जब उसकी ख़ुशी में तुम्हारी ख़ुशी का share market से ज़्यादा हो। पाँच — प्यार वो है जब "I'm fine" सुनकर तुम कहो — "झूठ मत बोल, बता क्या हुआ।" छह — प्यार वो है जब उसके पुराने jokes पर भी हँसी आती है — बार-बार। सात — प्यार वो है जब silence awkward नहीं — comfortable हो। Phone पर भी। आठ — प्यार वो है जब "तू मोटी हो गई है" कहकर भी गले लगा ले — ज़ोर से। नौ — प्यार वो है जब उसकी एक photo इतनी बार देखो कि phone भी कहे — "भाई, wallpaper बना ले, आसान होगा।" दस — प्यार की कोई एक परिभाषा नहीं — पर अगर ज़बरदस्ती एक दूँ तो — प्यार वो इंसान है जिसके बिना सब कुछ हो — पर कुछ न हो।