तुम्हारी ख़ामोशी बोलती है — नज़्म
तुम्हारी ख़ामोशी बोलती है, जब तुम कुछ नहीं कहते, तब सबसे ज़्यादा सुनाई देता है। तुम्हारी आँखों में वो बात है, जो ज़ुबान पर कभी नहीं आती, पर दिल तक सीधी पहुँचती है। जब तुम दूर खड़े मुस्कुराते हो, तो लगता है जैसे — पूरी दुनिया ने एक पल के लिए साँस रोक ली है। तुम्हारी ख़ामोशी में एक शोर है, एक धड़कन है, एक पुकार है, जो कहती है — "मैं यहाँ हूँ, तुम्हारे लिए, हमेशा।" लोग कहते हैं प्यार का इज़हार शब्दों से होता है, पर मैंने जाना — सबसे गहरा प्यार वो है, जो बिना बोले समझ आ जाए। तुम चुप रहो — मैं सुनता रहूँगा, तुम्हारी ख़ामोशी की भाषा मुझे आती है। क्योंकि प्यार की सबसे ख़ूबसूरत बात ये है — कि कुछ कहना ज़रूरी नहीं, बस होना ज़रूरी है।