प्रिय सुनंदा,
सियाचिन से लिख रहा हूँ। यहाँ बर्फ़ ही बर्फ़ है — जहाँ तक नज़र जाए। तापमान माइनस 40। उँगलियाँ सुन्न हैं, पर ये ख़त लिखना ज़रूरी था। क्योंकि कल तुम्हारा जन्मदिन है — और मैं वहाँ नहीं हूँ।
पिछले तीन जन्मदिन मैंने मिस किए। पहले ट्रेनिंग, फिर पोस्टिंग, अब ये। तुम कभी शिकायत नहीं करती — पर...