मोहब्बत का कोई दस्तूर होता नहीं,
दिल जिसे चाहे उसका क़ुसूर होता नहीं।
वो मिले तो ज़माना हसीन लगता है,
उनके बिना कोई दिन पूर होता नहीं।
उनकी यादों का साया है हर तरफ़,
ऐसा कोना जहाँ उनका नूर होता नहीं।
कहते हैं वक़्त सब ज़ख़्म भर देता है,
पर इश्क़ का ज़ख़्म कभी दूर होता नहीं।
मैंने चाहा कि भूल जाऊ...