तेरी गली से गुज़रता हूँ तो याद आता है,
वो वक़्त जब दिल ख़ुशी से आबाद आता है।
तेरी नज़र जो मिली थी उस भीड़ में कभी,
अब हर चेहरे में बस तेरा चेहरा नज़र आता है।
ख़ामोश रातों में तेरी आवाज़ सुनता हूँ,
हवाओं में तेरा ज़िक्र बार-बार आता है।
मैंने छुपाया था इश्क़ सबसे ऐ दोस्त,
पर तेरा नाम ज़ुबान पर बेइख...